भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। लोग कहते हैं अगर दिल में किसी सपने को ठान लिया जाए और उसे पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत कर एक कर दिया जाए तो उसकी सफलता एक दिन जरूर मिलती है। ऐसा ही मामला कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड के छाता गांव के प्रिंस कुमार के साथ हुआ है। जिन्होंने self-study को बदौलत पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में बाजी मारी है।

जिन्हें 64वें बीपीएससी परीक्षा में 3196 रैंक के साथ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आपूर्ति निरीक्षक का पद मिला है। प्रिंस के बीपीएससी मेंं चयन के बाद आपूर्ति निरीक्षक बनने पर परिवार व गांव में खुशियों का माहौल है। परिवार वालो द्वारा प्रिंस को मिठाई खिलाकर बधाई व शुभकामनाएं दी गयी। वही प्रिंस के इस सफलता से गांव के लोगों द्वारा भी बधाइयाँ दी जा रही है। 

पिता प्राइवेट शिक्षक तो माँ महिला पर्यवेक्षिका
 प्रिंस कुमार ने बताया कि उनके पिता शिवदास प्रसाद भभुआ में निजी विद्यालय में प्राइवेट शिक्षक है। उनकी मां रानी गीता कुमारी रामगढ़ प्रखंड में आईसीडीएस विभाग में महिला पर्यवेक्षिका के पद पर तैनात है। वह अपने दो भाइयों एवं एक बहन में सबसे बड़े हैं। छोटा भाई प्रशांत राज 12 वीं में है और बीएचयू एंट्रेंस का तैयारी कर रहा है। वहीं बहन ज्योति कुमारी सिविल सर्विस यानी बीपीएससी की तैयारी का रही है।

गांव में बचपन का शिक्षा हुआ पूरा  प्रिंस ने बताया कि उनका बचपन की शिक्षा दीक्षा ग्रामीण क्षेत्र में ही हुआ है। वह 2012 में मैट्रिक परीक्षा हाईस्कूल धनेछा से 78.4% के साथ पास किया। 12वीं की परीक्षा आईएससी से एसवीपी कॉलेज भभुआ से 2014 में 50% अंक आया था। 2017 में स्नातक फिजिक्स ऑनर्स से 64 % अंक आया था। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही एसएससी की तैयारियों में जुट गए थे। लेकिन 2018 एसएससी परीक्षा में लेट होने लगी तो जुलाई 2018 अट्ठारह में बीपीएससी की तैयारी में जुट गया। सेल्फ स्टडी की बदौलत दिसंबर 2018 में प्रीलिम्स मे सेलेक्शन हुआ।

पटना में मेंस तो दिल्ली से ऑनलाइन इण्टरव्यू की तैयारी प्रिंस ने बताया 2019 में मेंस की तैयारी पटना से करने के बाद रिजल्ट हुआ। 2020 में दिल्ली से ऑनलाइन इंटरव्यू की तैयारी करने के बाद फाइनल इंटरव्यू भी हो गया। 2021 में फाइनल रिजल्ट आने के अब जॉइनिंग आपूर्ति निरीक्षक के पद पर होने वाली है। वह अभी अपने परिवार के साथ भभुआ उदासी देवी हाई स्कूल के पास रहते हैं। 

मां के साथ बड़े अधिकारियों के सामने जाता था पदाधिकारी बनने का आया ख्याल  उन्होंने बताया कि (सिविल सर्विस) बीपीएससी की तैयारी का ख्याल उन्हें पदाधिकारी बनने का सपना 2014 में 12 वीं पढ़ाई के दौरान आया।उस समय जब वह अपनी मां के साथ पदाधिकारियों के पास जाते थे। बीडीओ सीओ जैसे पदाधिकारी को देख कर मन में पदाधिकारी बनने का ख्याल आया। उसी समय उन्होंने मन में ठान लिया था कि वह भी सिविल सर्विस की तैयारी करते हुए अफसर बनेंगे। उसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने दिन रात मेहनत किया और उसी मेहनत का परिणाम है कि वह आज वह सफल हो पाए हैं।

पढ़ाई का स्त्रोत है इण्टरनेट माध्यम  प्रिंस कुमार ने कैमूर लाइव न्यूज़ से फोन से बातचीत में बताया कि आज का समय डिजिटल हो चुका है और इंटरनेट के माध्यम से कई तरह की ज्ञान अर्जित किया जा सकता है। इंटरनेट माध्यम पढाई का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके साथ ही उन्होंने सफलता के लिए सेल्फ स्टडी, धैर्य बनाये रखने,रूटीन फॉलो के साथ पढ़ाई करने, इमानदारी से मेहनत करने को सफलता का माध्यम बताया।

प्रिंस ने बताया कि इसके साथ ही उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता शिक्षक एवं अपने भाई मुल्क राज आनंद दिया है।जो मुगलसराय में सीनियर सेक्शन इंजीनियर में है। उन्होंने हमेशा मुझे अच्छा करने के लिए प्रेरित किया। 

युवाओ को दिया संदेश, सफलता के लिए परिश्रम जरूरी प्रिंस कुमार ने बताया कि आज के युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के चक्कर में नहीं रहना होगा। सफलता के लिए डिजिटल इंटरनेट के माध्यम से जुड़ कर अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए पढ़ाई मेहनत व ईमानदारी के साथ डेली रूटीन के साथ करना होगा। परिश्रम कभी बेकार नहीं जाता है, सफलता एक दिन जरूर मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here