भगवानपुर/कैमूर। ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के बगैर राष्ट्र की उन्नति असंभव है, शहरी स्त्रियों एवं ग्रामीण स्त्रियों के बीच महज सोच का हीं फर्क है। हम ग्रामीण महिलाओं के प्रति पुरुषों तथा सरकार को अपना नजरिया बदलना होगा, ग्रामीण बच्चियों को सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना होगा। शहरों में महिलाओं के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा पर काफी चर्चाएं होती हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के हित में कोई विशेष नहीं सोचता है। जिससे वे आज भी बंधुआ एवं बंदी महसूस करती हैं। यह सब बातें राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंडेश्वरी में आयोजित महिला जागरूक कार्यक्रम में महिला मुक्ति संगठन की वरिष्ठ कार्यकर्ता फुल कुमारी देवी ने कही।

इनके साथ साथ संगठन की कई अन्य महिला वक्ताओं ने कहां की दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या व कम उम्र में लड़कियों की हो रही शादियां जैसी कई असमाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए हम महिलाओं को आगे आकर संघर्ष करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉ. राधिका देवी ने की। इस अवसर पर महिला मुक्ति संगठन कैमूर के संयोजक कतवारू दास, इसरत बेगम, मीरा देवी, संगीता देवी, प्रभावती देवी, निर्मला देवी, रेशमी देवी, विपत्ति देवी, कलावती देवी समेत संगठन की दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं।

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