मामला भगवानपुर प्रखंड के भगवानपुर हाई स्कूल का, परीक्षार्थियों के लिए कमरे व टेबल बेंच का है अभाव

भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक करने की दावे किए जाते है। लेकिन कैमूर जिले का एक ऐसा हाईस्कूल जहां यह सभी दावे फेल होते नजर आते है। दरअसल, यह मामला भगवानपुर हाईस्कूल का है।जहां भगवानपुर प्रखंड के हाईस्कूल एवं अपग्रेड हाईस्कूलो में शुक्रवार से मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा की तर्ज पर नौवीं के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुरू हो गई। इस बीच भगवानपुर प्रखंड के भगवानपुर हाईस्कूल में नौवीं की परीक्षा के दौरान एक अलग ही तस्वीरें देखने को मिली।

पेड़ के नीचे दरी पर बैठ कर छात्रों ने दी परीक्षा जहां नौवीं के दर्जनों परीक्षार्थी हाईस्कूल के प्रांगण में नीम के पेड़ के नीचे बिछाए गए दरी पर बैठकर परीक्षा दे दे गए थे। इसका कारण कमरे का अभाव होना बताया गया। गौरतलब है कि सरकार द्वारा शिक्षा को हाईटेक करने के साथ स्कूलों व कॉलेजों में सुविधाएं देने की दावे किए जाते है। लेकिन भगवानपुर हाईस्कूल में छात्र छात्राओं के लिए कमरे ही नहीं टेबल बेंच का भी अभाव है। वही सुविधाओं की भी घोर कमी देखने को मिली है। वही 9 वीं के परीक्षार्थियों को बाहर नीम के पेड़ के नीचे दरी पर बैठ कर परीक्षा देना पड़ रहा है

छात्राओं को फर्श पर बैठकर देना पड़ रहा है परीक्षा वही उन्नयन स्मार्ट क्लास में कमरे में टेबल व बेंच के अभाव में छात्राओं को नीचे फर्श पर बैठ कर परीक्षा देते हुए देखा गया। यह तस्वीरें देख कर सरकार व शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। बदहाल स्थितियों को दर्शाता है। जबकि सरकार द्वारा प्रत्येक साल लाखों करोड़ों रुपये शिक्षा की व्यवस्थाओ के लिए खर्च कर दिया जाता है।

मूलभूत सुविधाओं की कमी लेकिन आधुनिक मूलभूत सुविधाएं इस हाईस्कूल में 9 वीं परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को नहीं मिलती हुई दिख रही है। जमीन पर बैठकर परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों ने बताया कि हाईस्कूल में कमरे का अभाव है और सुविधाओं की भी घोर कमी है। क्या कर सकते है मजबूरी है। इसी तरह नीचे जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे है।। परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं होते हुए देखा गया।

बोले प्रभारी प्रधानाध्यापक वही इस मामले में भगवानपुर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामकेशी राम ने बताया कि शुक्रवार से 9 वीं के छात्र छात्राओं की परीक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा के तर्ज पर शुरू हुआ। लेकिन इस बीच परीक्षा के दौरान कमरे के अभाव में एक सेक्शन के परीक्षार्थियों को नीचे जमीन पर दरी पर बैठ कर परीक्षा देना पड़ रहा है। इसके लिए पहले से ही परेशानी होती थी। लेकिन पहले एक पाली में छात्र तो दूसरी पाली में छात्राओं का परीक्षा लिया जाता था।

लेकिन इस बार बोर्ड के निर्देश के मुताबिक, एक साथ छात्र छात्राओं का परीक्षा लिया जा रहा है। वही कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सोशल डिस्टेसिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमरे व सुविधाओ का अभाव है तो क्या कर सकते है। लेकिन फिर भी सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखा जायेगा। वही छात्र छात्राओं को मास्क का वितरण किया गया है। मास्क पहन कर परीक्षा दिलाया जा रहा है।

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