बेलांव बौद्ध महाविहार परिसर का चाहरदीवारी के अभाव में फेंका जा रहा है कूड़ा कचरा

#परिसर में कई जगहों पर लगा है गंदगी का अंबार 

#बौद्ध महाविहार परिसर में ही चलता है अस्थायी आरटीपीएस काउंटर

रामपुर/कैमूर। रामपुर प्रखंड के बेलाव गांव में बौद्ध महाविहार का परिसर है। जहां चाहरदीवारी के अभाव में आसपास लोगों द्वारा उपले पाथे जा रहे है और गंदगी फैलाई जा रही हैं। लोगों द्वारा बौद्ध महाविहार के परिसर में घरों का कूड़ा कचरा भी फेंक दिया जाता है। जिससे कई जगह पर गंदगी का अंबार फैला हुआ है। जिससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को बीमारी फैलने की भी आशंका बनी रहती है। बौद्ध महाविहार परिसर में महात्मा बुध की एक प्रतिमा भी स्थापित है।

मिली जानकारी के मुताबिक, उस बौद्ध महाविहार के परिसर के पास टावर की खुदाई के दौरान एक खंडित मौर्यकालीन प्रतिमा मिला था। जिसे ग्रामीणों के सहयोग से स्थापित किया गया है। बताया जाता है कि तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा द्वारा भगवान बुद्ध की नई प्रतिमा का 26 मई 2010 को अनावरण किया गया था।

ग्रामीण डॉ मृत्युंजय मौर्य,नारद सिंह, सुभाष कुमार,शनि कुमार शौरभ, अजित सिंह ने बताया कि बौद्ध महाविहार परिसर में अस्थाई रूप से आरटीपीएस काउंटर भी संचालित है। मनरेगा योजना के तहत दो सौ अशोक का वृक्ष भी लगाया था। लेकिन चाहरदीवाारी के अभाव में आसपास के लोगों के द्वारा गोबर के उपले पाथने के साथ साथ कूड़ा कचरा भी फेंक दिया जाता हैं इसी स्थान पर शादी विवाह में बरात रखते हैं और गंदगी भी फैलाते हैं।

जब वैसे लोगों को रोकने के बाद भी नहीं मानते है। झगड़ा को तैयार हो जाते है। वही बताया जाता है कि प्रत्येक साल यहां पर सम्राट अशोक क्लब बेलांव के तत्वाधान में  सम्राट अशोक की जयंती मनाई जाती है। बौद्ध विहार परिसर की चहारदीवारी की निर्माण कराने के लिए पूर्व भभुआ विधायक रिंकी रानी पांडे से लेकर रामपुर जिला परिषद सदस्य सविता देवी तक आवेदन देकर गुहार लगाया गया।

लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा आज तक कुछ पहल नहीं हो पाया है। प्रशासन से मांग किया गया है कि जहाँ बौद्ध महाविहार परिसर है। वहां जल्द से जल्द चहारदीवारी का निर्माण कराया जाए। ताकि लोगों द्वारा कूड़ा कचरा,गंदगी नहीं फैलाया जाए।

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