#भगवानपुर प्रखंड के नौगढ़ में 75 वीं महावीरी पूजा पर दंगल का हुआ आयोजन, पहलवानों ने लगाया दाव पेंच

भगवानपुर/कैमूर। भगवानपुर प्रखंड के जैतपुर कलां पंचायत अंतर्गत नौगढ़ गांव के पश्चिम पट्टी के उत्तर पहाड़ी के पास गुरुवार को 75 वीं महावीरी पूजा के अवसर पर विराट दंगल व मेला का आयोजन हुआ। जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप भगवानपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष व जैतपुर कलां पँचायत पैक्स अध्यक्ष रामकेश्वर सिंह एवं नौगढ़ गांव निवासी आईएएस अधिकारी अभिषेक कुमार जो हिमाचल प्रदेश के शिमला में डीएजे पद पर तैनात है,जिनके द्वारा फीता काट कर किया गया। इस दंगल के सर्वश्रेष्ठ पहलवान कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड के सुनाव गांव के मोहन पहलवान बने। जो महाराजगंज के लोकी को पटखनी दी। जिन्हें कुल ₹5100 इनाम पुरस्कार मिला।

महिला व पुरुष पहलवान का कुश्ती

दंगल का पहला मुकाबला गोरखपुर की रिया बिहार के बेगूसराय के उजाला के साथ हुआ। जिसमे उजाला ने रिया को पटखनी दी। पटना की जूही ने बेगूसराय की मनीषा को,कर्मनाशा के वीरेंद्र ने मुगलसराय के राजेश को, कर्मनाशा के विश्वनाथ ने सैयदराजा के बब्लू को, महराजगंज के लोकेंद्र ने मुगलसराय के सोनू को, मुगलसराय के राजेश ने बड़गांव के अरविंद को पटखनी दी। वही बेगूसराय के भोला व कर्मनाशा के शमशेर के बीच बराबर का मुकाबला हुआ।

पुरुष पहलवान का कुश्ती

इस दंगल में महिला पहलवानों का एक दूसरे से दो दो हाथ होने के बाद महिला व पुरुष पहलवानों का भी दंगल हुआ। जिसमें पटना की जूही व सैयदराजा के इंद्रजीत के बीच कुश्ती दंगल में दोनों तय समय में एक दूसरे को पटखनी नहीं दे पाए। दोनो के बीच कांटे की बराबर कुश्ती हुआ।  इस दंगल में बिहार के कैमूर, रोहतास, पटना, बेगूसराय, वाराणसी, सैयदराजा, कर्मनाशा आदि  स्थानों से महिला व पुरुष पहलवानों ने भाग लिया। जहां कुश्ती में एक पहलवान दूसरे पहलवान से कुश्ती में दांव पेंच आजमाते हुए अपने कला का प्रदर्शन किया। 

दंगल में उपस्थित मुख्य अतिथि व गणमान्य

रेफरी के रूप में नौगढ़ गांव के पूर्व सैनिक मुन्ना सिंह व अभिमन्यु सिंह रहे। उद्घोषक की भूमिका रविन्द्र कुमार सिंह ने निभाई। मौके परविनोद कुमार साह, राजेन्द्र प्रसाद(दारोगा), दीनानाथ सिंह(कमिटी अध्यक्ष), पारस बिंद, वकील यादव, बिहारी सिंह, उपेन्द्र साह, धर्मेंद्र सिंह उपप्रमुख, रिंकू, धर्मेंद्र पासवान, संतोष बिंद, रामसोहर राम सहित कई उपस्थित रहे। वही दर्जनों गांवों के हजारों लोग दंगल को देखने के लिए पहुँचे थे। वही दंगल के साथ मेला भी लगा था। जहां मेला में बच्चों ने खिलौनों की खरीददारी, चाट, चौमिंग, जिलेबी, पकौड़ी, अंदारोड आदि का लुफ्त उठाया।

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