रामपुर प्रखंड के सबार गांव के मध्य विद्यालय के प्रांगण में 15 बच्चियां लेती हैं सुबह फुटबॉल एवं शाम वॉलीबॉल की ट्रेनिंग

  • बंटी जायसवाल एक्सक्लूसिव रिपोर्ट 

भभुआ/कैमूर। देश में आज कई ऐसे खिलाड़ी है जो खेल में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई मेडल जीत कर देश का मान बढ़ाया है। खेल से ही उन्हें देश का मान सम्मान बढ़ाने के साथ उनका भी नाम रौशन हुआ है। इसी उद्देश्य को लेकर बिहार पुलिस में 40 वर्षों सेवा दे चुके रिटायर्ड दारोगा गुदरी शर्मा बच्चियों को खेल के लिए ट्रेंनिग देते हुए खेल के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे है। रामपुर प्रखंड के सबार गांव में रिटायर्ड दरोगा द्वारा देश एवं समाज की सेवा करने के बाद गांव की बच्चियों को फुटबॉल एवं वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दे रहे हैं। रिटायर्ड दारोगा गुदरी शर्मा सबार गांव के निवासी है। जिनकी खेल के प्रति बच्चियों को ट्रेंनिग देने की चारों तरफ लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

पिछले तीन माह से दे रहे ट्रेनिंग
वह बताते है कि दारोगा से रिटायर होने के बाद जब गांव पर लौटे तो गांव के लड़कों को कुछ दिनों तक फुटबॉल की ट्रेनिंग दी। इसके बाद विगत 2020 से गांव के बच्चियों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देने की शुरूआत की। लेकिन कोरोना के कारण लगातार ट्रेनिंग नहीं चला। जिसके बाद 2020 पिछले नवंबर दिसंबर माह से गांव की 15 बच्चियों की एक टीम बनाकर सुबह फुटबॉल तो शाम वॉलीबॉल की ट्रेनिंग देते हैं। उनका कहना है खेल के माध्यम बच्चियों के मानसिक व शारीरिक विकास होगा। हेल्थ ठीक रहेगा। वही उनकी खेल के प्रति रुझान बढ़ेगा तो खेल के माध्यम से अपना नाम और जिला,राज्य और देश का नाम रौशन कर सकेंगी।

 ट्रेंनिग से पहले कई प्रकार का होता है एक्सरसाइज 
 बताया जाता है कि 15 बच्चों की जो फुटबॉल व वॉलीबॉल की टीम बनाई गई है।उन बच्चियों को सबार गांव के मध्य विद्यालय में प्रांगण में पहुंचने के बाद उन्हें रिटायर्ड दरोगा गुदरी शर्मा कोच के रूप में एवं सहायक कोच के रूप में अजय कुमार निषाद द्वारा विभिन्न प्रकार का एक्सरसाइज कराया जाता है। जिसमें राउंडिंग दौड़, जंपिंग सहित कई प्रकार की पीटी, एक्सरसाइज कराया जाता है। इसके साथ ही 2 से 3 घंटे का प्रतिदिन बच्चियों को ट्रेनिंग दी जाती है।

बच्चियों के अभिभावक

खेल के माध्यम से देश नाम करेंगी ऊंचा

सबार गांव के जिन बच्चों की रिटायर्ड दरोगा गुदरी शर्मा द्वारा फुटबॉल व वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दी जा रही है। अभिभावक डॉ नागेंद्र यादव, अजय रजक,बिरहा गायक राकेट नंदलाल यादव द्वारा रिटायर्ड दरोगा के कार्यों की सराहना की गयी। उनके कहना है कि हमारी बच्चियां खेल की जो ट्रेनिंग ले रही है। वह काफी अच्छा लग रहा है। हमलोगों को नहीं लगता था कि गांव की बच्चियां खेल के माध्यम से आगे बढ़ेगी। लेकिन अब जो बच्चियों को फुटबॉल एवं वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दी जा रही है।

खेल के लिए लड़का व लड़की में नहीं करे फर्क इससे खेल के माध्यम से बच्चियां काफी मेहनत करते हुए आगे बढ़ेंगी।खेल के लिए लड़का और लड़की में फर्क नहीं रखना चाहिए। जो लड़के फुटबॉल या वॉलीबॉल खेलते हैं। वह काम अब लडकिया भी खेल रही है। अब खेल में भी बच्चियां देश, राज्य का नाम रौशन कर रही है। उसी प्रकार हमारी भी बच्चियां खेल के माध्यम से अपना गांव, माता पिता, जिला, राज्य और देश का नाम ऊंचा रोशन करेगी।

अजय कुमार निषाद

खेल के प्रति अभिभावकों में अजय ने जलाई अलख 

मिली जानकारी के मुताबिक, सबार गांव में जो खेल का माहौल गांव के बच्चियों में देखने को मिल रहा है। उसमें रिटायर्ड दरोगा के अलावा एक अहम भूमिका सबार गांव के अजय कुमार निषाद नामक युवक ने निभाया जा रहा है। वह गांव के जिन बच्चियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।उनके अभिभावकों को काफी खेल के प्रति के जागरूक किया। जिसके बाद बच्चियों के अभिभावक खेल के प्रति ट्रेनिंग देने के लिए राजी हुए।

अब उन्ही अभिभावकों के बच्चियों को फुटबॉल एवं वॉलीबॉल का ट्रेनिंग दिया जा रहा है। बताया जाता है कि अजय कुमार निषाद खेलकूद में हमेशा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेता है। उसी को लेकर वह बच्चों के अलावा बच्चियों में खेल की भावना को आगे बढ़ाने के लिए बच्चियों को ट्रेनिंग दिलवाता है और सहायक कोच के रूप में देता है। ताकि गांव की बच्चियां खेल के माध्यम से आगे बढ़े।

बच्चियां में पुलिस तो कोई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की रखती है सपना फुटबॉल एवं वॉलीबॉल की ट्रेंनिग लेने वाली 15 बच्चियों की एक टीम है। जिसमें सभी सबार गांव की ही बच्चियां है। जो कक्षा 5 से 8 तक की पढ़ने वाली हैं। इसके साथ ही इन बच्चों की उम्र 10 साल से लेकर 13 साल तक की है। ट्रेंनिग लेने वाली कक्षा 5 की कप्तान करिश्मा कुमारी बताती है कि 2020 नवंबर दिसंबर महीने से फुटबॉल एवं वॉलीबॉल की ट्रेनिंग लेती हैं। खेल के माध्यम से वह दरोगा बनना चाहती हैं। वही उप कप्तान खुशबू कुमारी कक्षा आठ की छात्रा है। वह बताती है कि खेल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना चाहती है। इसी प्रकार कई बच्चियों को खेल के माध्यम से ऊंची उड़ान भरने की सपना संजोए हुई है।

गुदरी शर्मा,कोच

रिटायर्ड दारोगा ने 40 वर्ष पुलिस विभाग में दी है सेवा
 रिटायर्ड दारोगा गुदरी शर्मा सबार गांव के निवासी हैं। जो पुलिस विभाग में 40 साल अपनी सेवा दी है। उन्होंने बताया कि वह 2015 में गया मुफ्फसिल थाना से सब इंस्पेक्टर के पद पर रहते हुए रिटायर हुए हैं। 1975 में वह पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात हुए थे।  वह एक फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं और फुटबॉल के अभी कुछ भी है जो कैमूर जिले से लेकर एवं बिहार में होने वाले फुटबॉल में रेफरी की भूमिका कई फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन में निभाते हैं।वह एक फुटबॉल कोच भी है।

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