#वन्य जीवों के बाद अब जलीय जीवों पर तस्करों की नजर
भभुआ /कैमूर। कैमूर के पहाड़ी क्षेत्रो में वन्य जीव जंतुओं व जंगली जानवरों का तस्करी सालों होता रहा है। तस्करों द्वारा जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी कर लाखों करोड़ों का कारोबार किया जाता रहा है। एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां भभुआ रेंज क्षेत्र के भगवानपुर थाना क्षेत्र के टोड़ी गांव के पास सुअरन नदी घाट के किनारे से मृत मगरमच्छ का बच्चा गुरुवार को मिला। जिसके बाद लोगों में कई प्रकार चर्चाएं होने लगी। लोगों द्वारा मृत मगरमच्छ के बच्चे को वन्य तस्करों द्वारा की मारे जाने की भी आशंका व्यक्त की जाने लगी।

 वही कुछ लोगो द्वारा अपने से मर जाने की भी बातें की जा रही थी। कई लोग कई प्रकार की बातें कर रहे थे। जिसे देखने लिए लोगों की भीड़ जुट गई। वही ग्रामीणों द्वारा मृत मगरमच्छ के बच्चे को देखने के बाद इसकी सूचना वन विभाग के पदाधिकारी व कर्मियों को दी। देखने के बाद गांव वालों ने वन विभाग के कर्मियों को सूचना दी। सूचना पर पहुँचे वन विभाग के कर्मियों ने मृत मगरमच्छ के बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया।

इसकी जानकारी तब लोगों को मिली जब कोई सुअरन नदी में स्नान करने गया तो देखा कि मृत मगरमच्छ के बच्चे पड़ा है। जिसके बाद गांव में हल्ला किया तो ग्रामीणों की भीड़ देखने के लिए जुट गई। मृत मगरमच्छ के बच्चे के शरीर को देखने पर पता चल रहा है कि वह एक दो दिनों में यह नहीं मरा है ब्लिक एक सप्ताह पहले का मरा है। इसके शरीर सूख गया है। इसके खाल व दोनो आंख भी तस्करों द्वारा निकाल लिया गया है। वहीं गांव के लोगों के द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि मगरमच्छ को शायद तस्करों ने ही मारा होगा या किसी ने मछली आदि मारने के लिए जहर आदि डाला होगा। हालांकि मगरमच्छ कैसे मरा है या मारा गया होगा इसका जवाब वन विभाग के पास भी नहीं है।

गौरतलब है कि कैमूर जिले के पहाड़ी क्षेत्र अधौरा प्रखंड के जंगलों में इन दिनों वन्य तस्कर काफी सक्रिय है। जहां से वन्य जीव जंतुओं के अंगों की तस्करी का तस्कर लाखों करोड़ों कमा रहे है। अभी कुछ दिनों ही पहले पुलिस ने छापेमारी करते हुए अधौरा के जंगलों व  जिले के विभिन्न स्थानों से तेंदुआ का खाल, पेंगोलिन यानी बज्रकिट, मृग कस्तुरी, सैंड बोया(दो मुंहा सांप) आदि को बरामद किया था। मामले में आधा दर्जन से अधिक की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके अलावा भगवानपुर थाना के भगवानपुर गांव में ट्यूशन पढ़ाने की आड़ में वन जीवो के अंगों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जिसके पास से एक तेंदुआ का खाल भी बरामद किया गया।  

वही जिले के कई क्षेत्रों में नीलगाय तथा हिरणों के शिकार तथा घायल होने की सूचना हमेशा मिलते रहती है। लेकिन वन्य जीवों के तस्करी के बारे में वन विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों को भनक तक नहीं लगती है। जिससे लोगों में चर्चा रहती है वन विभाग के कर्मियों के मिली भगत से ही पहाड़ी क्षेत्रों में तस्करों द्वारा ऐसा काम किया जाता होगा।

भला ऐसे कैसे कोई तस्कर काम कर सकता है।मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल ही वन विभाग को 60 की संख्या में आसपास जंगल तथा वन्य जीव जंतुओं की सुरक्षा को लेकर वनरक्षियों की तैनाती भी सरकार की ओर से की गई है। लेकिन वन्य जीवों संरक्षण को लेकर कोई ठोस पहल होता हुआ नहीं दिख रहा है।

इस संबंध में पूछे जाने पर भभुआ रेंजर चरित्र चौधरी ने बताया कि गांव के लोगों ने टोड़ी चेक नाका पर तैनात वन कर्मियों को मृत मगरमच्छ के बारे में जानकारी दी। उसके मृत शरीर को बरामद कर लिया गया है। मृत मगरमच्छ काफी छोटा बच्चा है। उसके खाल व दोनो आंखे निकाली हुई प्रतीत हो रहा है। उसके शरीर को मकरी खोह के जंगल में जमीन के अंदर मिट्टी से ढंक दिया जा रहा है। मृत मगरमच्छ के बारे में टीम के द्वारा अनुसंधान कराई जा रही है।

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