6घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग के कर्मियों ने ह्यूम पाइप से लकड़बग्घे को निकाला

रामपुर/कैमूर। मंगलवार को रामपुर प्रखंड के करमचट थाना क्षेत्र के बहेरी गांव में पश्चिम में बौलिया तालाब के ह्यूम पाइप में घुसा लकड़बग्घा मिला। जिसे देखने के लिए प्रखंड के कई गांवों के लोग पहुँचे।  वही लोगों की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मियों एवं ग्रामीणों द्वारा 6 घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद लकड़बग्घे को ह्यूम पाइप से बाहर निकाला गया और पिंजरे में कैद किया गया। जिसके बाद लकड़बग्घे को लेकर वन विभाग के कर्मियों व पदाधिकारी भभुआ ले गए। मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह 8 बजे नौहट्टा के पहाड़ी क्षेत्र होते हुए बहेरी गांव के बौलिया तालाब के  बीमा में लकड़बग्घा घुस गया। जिसके बाद लोगों द्वारा ह्यूम पाइप के दोनों ओर के मुंह को गैबीयन वाले बांस से बंद कर दिया गया कि कही वह भाग न जाये।

वन विभाग द्वारा पिंजड़े में कैद किया गया लकड़बग्घा

लोगों ने खींचा फ़ोटो व बनाया वीडियो जब लोगों ने उस जंगली जानवर लकड़बग्घे को देखा तो बाघ समझा और काफी तेजी से बाघ मिलने की सूचना के बाद बहेरी गांव के अलावा क्षेत्र के कई गांव में फैल गया। जिसके बाद बाघ मिलने की सूचना पर उसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग जैसे-जैसे सूचना मिलती गई पहुंचने लगे। लोग तालाब के ह्यूम पाइप में घुसे हुए लकड़बग्घे को देख कर फोटो और वीडियो भी बनाने लगे और सोशल मीडिया पर भी लोगों द्वारा डाला जाने लगा। इस दौरान लोगों में उसे देखने के बाद लकड़बग्घे, बाघ,चिता, तेंदुआ होने की चर्चाएं होती रही।

लकड़बग्घे को देखने के उमड़ी लोगो की भीड़

ग्रामीणों के सहयोग से वनकर्मियों ने लकड़बग्घे का किया रेस्क्यू बहेरी गांव निवासी व सबार उपमुखिया प्रतिनिधि रविंद्र गुप्ता व ओमप्रकाश कुमार राम ने बताया कि गांव के पश्चिम में बौलिया तालाब में के ह्यूम पाइप में सबसे पहले लोगों द्वारा बाघ मिलने की हल्ला हुई। जब स्थल पर पहुंच कर देखा गया तो इसके बारे में ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।जिसके बाद स्थानीय प्रखंड के वन विभाग के कर्मी पहुंचे। सूचना पर पहुँचे वन विभाग द्वारा बताया गया कि पहली बार देखने पर लकड़बग्घा ही प्रतीत हो रहा है।

पिंजड़े में किया गया कैद – लेकिन उस जंगली जानवर के  बाहर निकाले जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वह लकड़बग्घा है या अन्य जंगली जानवर है। जिसके बाद वन विभाग के कर्मियों द्वारा अपने वरीय पदाधिकारी को सूचना देने के बाद पहुंचने पर 6 से 7 घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से ह्यूम पाइप से उस लकड़बग्घे को निकाला गया। जिसे लोहे के पिंजड़े में बंद किया गया।जब ह्यूम पाइप से लकड़बग्घे को बाहर निकाला गया तो उसके मुंह के जबड़े में चोट लगी हुई थी।

फ़ोटो – बहेरी गांव के तालाब के ह्यूम पाइप में घुसा लकड़बग्घा

मुंह के जबड़े में लगी थी चोट- जिसे देखकर वन विभाग के कर्मियों द्वारा बताया गया कि जंगलों में लोगों द्वारा जंगली जानवरों को मारने के लिए किसी खाने वाले सामान में बम या पटाखा रख दिया गया होगा। जिसे इस लकड़बग्घे द्वारा खाने के बाद उसके मुंह का जबड़ा फट गया है और वह घायल हो गया है।इसके कारण वह घायल अवस्था में भागते हुए शिकार चक्कर में मैदानी क्षेत्र में आगे गया था। लोगों से बचकर ह्यूम पाइप में घुस गया था। इसीलिए वह पाइप में काफी डरा व सहमा हुआ भी दिख रहा था।अब उस घायल लकड़बग्घे को भभुआ ले जा रहे हैं। जिसके बाद डॉक्टरों उसका इलाज किया जाएगा। इसके बाद उसको जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

लकड़बग्घे को पकड़ कर वन विभाग के कर्मी भभुआ ले जाते भभुआ

10 से 12 वर्ष जताई गई लकड़बग्घे की उम्र इस मामले में वन प्रवेक्षक पदाधिकारी चरित्र चौधरी ने बताया कि अनुमान लगाया जा रहा है कि यह लकड़बघे प्रजाति का है। इसकी उम्र करीब 10 से 12 वर्ष अनुमान लगाया जा रहा है। इसको मुँह में चोट लगी है। जो चिकित्सक को बुलाकर भभुआ में इलाज कराया जाएगा। आगे वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर ही कुछ किया जाएगा। मौके पर वन विभाग फोरेस्टर रविशंकर सिंह, वन कर्मी अजित कुमार, सुभाष कुमार, राहुल कुमार, राजा हिंदुस्तानी व करमचट थाना के पुलिस जवान भी मौजूद रहे।

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