भभुआ कैमूर(बंटी जायसवाल)। बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन के प्रत्याशियों के कई दिनों से नामों की घोषणा नहीं होने को लेकर स्थिति असमंजस में बनी हुई थी। लेकिन जब आज कैमूर जिले के चारों विधानसभा सीट पर भाजपा के झोली में चले जाने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि एक बार फिर से कैमूर जिले की चारों विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। जबकि इसके पहले कैमूर जिले के भभुआ विधानसभा सीट पर जदयू के जिलाध्यक्ष के नाम की चर्चा हो रही थी।

जेडीयू के कार्यकर्ताओं को भरोसा था कि शायद इस बार जेडीयू की तरफ से टिकट मिले और जेडीयू के जिलाध्यक्ष भी एनडीए गठबंधन के तरफ से जेडीयू के उम्मीदवार के तौर पर अपना टिकट मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन एनडीए गठबंधन में बीजेपी की ऐसी रणनीति हुई कि एक बार फिर से कैमूर के चारों विधानसभा सीट पर भाजपा के वर्तमान विधायकों को प्रत्याशियों के रूप नाम की घोषणा कर दी गयी। जेडीयू को कैमूर जिले में एक भी सीट नहीं मिल पाया।

कैमूर जिले के भभुआ के पूर्व विधायक सह जेडीयू जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद सिंह को टिकट नहीं मिल पाने के कारण काफी नाराज है और अपने कार्यकर्ताओं से माफी मांगने को लेकर भभुआ स्थित जेडीयू कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस प्रेसवार्ता के दौरान जदयू जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद सिंह अपना दुख का इजहार करते हुए फूट फूट कर रो पड़े। उनके आंखों में आंसू आ गया।

उन्होंने कहा कि यह कैसी एनडीए की गठबंधन है कि जिले के चारों विधानसभा सीट पर पहले भी भाजपा के प्रत्याशी थे और जीत कर विधायक बने। वही इस बार फिर उन्ही चारों विधायको को टिकट भाजपा की तरफ से मिला है। वही भाजपा से दो एमएलसी, एक सांसद की सीट भी है।

जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद सिंह ने कहा कि हमें वर्चुअल रैली में भी आश्वासन मिला था कि आपको भभुआ विधानसभा सीट नेतृत्व करने का मौका मिलेगा लेकिन एनडीए गठबंधन से जेडीयू की तरफ से ऐसा नहीं हुआ। इसलिए हम अपनी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगने के लिए प्रेस वार्ता किए हैं।

अब कोई भी पार्टी के लोग खड़े होंगे हमें इस गठबंधन के और लोगों का नेतृत्व मंजूर नहीं है। हम जदयू के जिलाध्यक्ष पद से बिना इस्तीफा दिए बीजेपी के कैमूर जिले में चारों विधायक प्रत्याशियों को करारी हार दिलाने काम करेंगे। यही हमारा लक्ष्य है। क्योंकि जो पार्टी के लिए दिन रात एक किया। उसे ही कोई तवज्जों नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चाहे तो हमें निकाल सकती है।लेकिन मैं पार्टी से इस्तीफा नहीं दूंगा। मैं10 सालों से जदयू में कार्य कर रहा हूँ और भभुआ विधानसभा से 4 बार विधायक भी रह चुका हूँ। लेकिन इस चुनाव में मैं। अपनी पार्टी से जिलाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिए बिना बीजेपी के प्रत्याशियों को करारी हार दिला कर रहेंगे।

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